बाबा उत्तराखंडी" नाम से प्रसिद्ध, मोहन सिंह नेगी ( मोहन सिंह नेगी (बाबा उत्तराखंडी) ) एक प्रसिद्ध उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी थे, जिन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर अनशन किया था. 9 अगस्त 2004 को, अनशन के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई, और उन्हें "शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी" के रूप में जाना जाता है. 

मोहन सिंह नेगी का जन्म 3 दिसंबर, 1948 को पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लॉक के बठोली गांव में हुआ था. उन्होंने सेना में नौकरी की, लेकिन उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए उसे छोड़ दिया. 

बाबा उत्तराखंडी ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए 38 दिनों तक अनशन किया था. 8 अगस्त को, प्रशासन ने उन्हें जबरन अनशन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 9 अगस्त को उनकी मृत्यु हो गई.