मेरे सभी उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता उत्तराखंड प्रदेश से प्रेम करने वाले सभी साथियों से अपने विचार रखना चाह रहा हूं और आपकी राय भी जानना चाह रहा हूं साथियों आजकल जगह-जगह स्वास्थ्य शिक्षा जल जंगल जमीन भू कानून अस्थाई निवास प्रदेश में फैल रही अराजकता गुंडागर्दी को लेकर कहीं जगह धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल पदयात्रा अनिश्चितकालीन हड़ताल पूरे प्रदेश में चल रही है जिसका नाम दिया जाता है सार्वजनिक कार्यक्रम सार्वजनिक कार्यक्रम का मतलब होता है जिसका कोई नेतृत्व करने वाला नाम नहीं है साथियों मैंने सुना है बिना गुरु ज्ञान नहीं जब तक कोई भी आंदोलन को हम नाम नहीं देंगे तो उसका नेतृत्व की जिम्मेदारी कौन उठेगा उत्तराखंड क्रांति दल पिछले 25 वर्षों से ऐसे कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता रहा जिसका नतीजा इलेक्शन के टाइम पर वोट ना पादना ही दिखाई दिया हम लोगों को समर्थन देते रहे लोग हमसे दूर होते रहे क्या हम लोगों को अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव लाना चाहिए या नहीं उत्तराखंड क्रांति दल को हर अपना आंदोलन अपने उसे झंडे के नीचे करना आवश्यक नहीं है जिस झंडे में यह उत्तराखंड राज्य की लड़ाई लड़ी इस झंडे के तीन कलर त्याग तपस्या और बलिदान क्या यहां पूरे प्रदेशवासियों को सम्मानित नहीं करता यदि करता है तो किस झंडे के नीचे हर लड़ाई लड़ने के लिए परहेज क्यों करते हैं लोग जो इस पवित्र झंडे को लड़ाई लड़ने से परहेज करते हैं क्या वह लोग कभी उत्तराखंड क्रांति दल के हो सकते हैं मेरा मानना है हमें हर लड़ाई इस क्रांतिकारी झंडे के नीचे लड़ने जरूरी है और अब तक जो हम लोगों को समर्थन देने की बात करते थे आज हमें समर्थन देने की आवश्यकता नहीं बल्कि समर्थन लेने की आवश्यकता है यदि सार्वजनिक कार्यक्रम आंदोलन चलाया जाता है उत्तराखंड क्रांति दल को हर हर उसे संगठन का अपनी पहचान लेकर कार्यक्रम में भाग लेने से परहेज नहीं होना चाहिए और ना ही अन्य लोगों को सार्वजनिक कार्यक्रम में उत्तराखंड क्रांति दल का कार्यकर्ता अपनी पहचान लेकर आता है तो उसे पर भी किसी को परहेज नहीं होना चाहिए यदि कोई अपनी पहचान छुपा कर कार्यक्रम लगता है तो क्या वहां सही काम कर रहा है क्या कभी वह किसी का भी हो सकता है जब हम अपनी पहचान छुपाने से ही डरते हैं तो क्या हम समाज का भला कर पाएंगे मेरा यहां भी मानना है यदि कोई कार्यक्रम सामाजिक कार्यक्रम समाज के हित के लिए सार्वजनिक किए जाते हैं तो सभी को अपना अधिकार दिया जाना चाहिए कि वह अपनी हिस्सेदारी अपनी पहचान के साथ दे सके यदि किसी को उसकी पहचान से रोका जाता है तो ऐसे कार्यक्रमों को करवाने के लिए शरारती तत्वों का हाथ होना ही कहा जा सकता है जो कि आज भी खतरनाक है पहले भी खतरनाक था और भविष्य में भी खतरनाक साबित होगा मेरे उत्तराखंड क्रांति दल के सभी लोगों से निवेदन है चाहे कार्यक्रम छोटा हो या बड़ा हो अपने पहचान केसाथ उसमें भाग ले अन्यथा ऐसे कार्यक्रमों को विरोध करना ही सही होगा जो अपनी पहचान छुपा कर किसी षड्यंत्र पर काम करना चाहता है वहां समाज के लिए कल भी गलत था आज भी गलत है कल भी गलत रहेगा उत्तराखंड क्रांति दल का हर कार्यकर्ता एक आदमी 100 पर भारी है फिर क्यों हम अपनी पहचान लेकर ही कम करें जो लोग इस प्रकार का कार्य करते हैं वह पार्टी एवं प्रदेश क्षेत्र के लिए कभी सामाजिक कार्यक्रमों को सफल न होने का मुख्य भूमिका निभाने का काम करते हैं आप सभी लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें धन्यवाद
