
‘राजपूत’ सिर्फ एक उपनाम नहीं, ये हमारी पहचान है — जोश, जूनून और जिम्मेदारी की।
इस वर्ष ‘राजपूत बिजनेस कॉन्फ्रेंस 2025’ का हिस्सा बनना मेरे लिए एक बेहद सम्मानजनक और आत्मिक अनुभव रहा।
खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, भोपाल में देशभर से आए राजपूत उद्यमियों से मिलना, उनके संघर्षों को सुनना, और उनसे प्रेरणा लेना – यह अनुभव शब्दों से परे है।
हर बात में एक सीख थी, हर चेहरे पर आत्मविश्वास – यही हमारे समाज की असली पूंजी है।
आज के युवा में अपार सामर्थ्य है –
अगर उसे दिशा, संसाधन और सही प्लेटफ़ॉर्म मिले तो वह ना केवल खुद को, बल्कि समाज को भी ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
इस सम्मेलन में मुझे Marg ERP की सोच और दृष्टिकोण को साझा करने का सौभाग्य मिला —
कैसे हमने एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म खड़ा किया जो लाखों व्यापारियों को तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रहा है।
Marg ERP आज सिर्फ सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि एक व्यापारिक क्रांति है —
जहां हर छोटा दुकानदार, हर वितरक, हर उद्यमी डिजिटल इंडिया का हिस्सा बन रहा है।
मुझे गर्व है कि मैं ऐसे मंच का हिस्सा बना जहाँ गौरवशाली परंपरा और आधुनिक व्यापार का अद्भुत संगम देखने को मिला।
राजपूताना की यह एकता, व्यापार की यह समझ और तकनीक की यह ताकत — आने वाले कल की असली नींव है।
जय राजपूताना | जय भारत | जय व्यापार
~ ठाकुर अनुप सिंह
