सामूहिक ध्यान सत्र और आध्यात्मिक विचार गोष्ठी का सफल आयोजन
पुस्तक “पिरामिड शक्ति: हर समस्या का समाधान” का विमोचन
देहरादून, प्रेम नगर: वीर माताजी के स्त्री सत्संग भवन, विंग नंबर 1, दशहरा ग्राउंड में सामूहिक ध्यान सत्र और आध्यात्मिक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि श्री मल्लेश्वर राव जी (PSSM देहरादून और जेटीटीपी के संस्थापक) ने विशेष रूप से हैदराबाद से आकर कार्यक्रम में भाग लिया।नैटको फार्मा के वाइस प्रेसीडेंट श्री N C श्रीनिवास और 100 मास्टर्स के साथ सामूहिक ध्यान किया गया। इसके पश्चात आध्यात्मिक विचार गोष्ठी में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर श्री मल्लेश्वर राव जी,श्रीनिवास जी और सीनियर मास्टर्स ने श्री भूपेंद्र सिंह रावत जी द्वारा रचित पुस्तक “पिरामिड शक्ति: हर समस्या का समाधान” का विमोचन किया। पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए श्री रावत जी ने बताया कि यह पुस्तक आध्यात्मिकता और प्रकृति की शक्ति को समझने का एक प्रयास है।
पुस्तक की मुख्य विशेषताएं:
पुस्तक में पिरामिड शक्ति के अद्भुत और चमत्कारी प्रभावों का वर्णन किया गया है। इसमें बताया गया है कि यह शक्ति जीवन को ऊर्जावान, स्वस्थ और सफल बनाने की अद्वितीय क्षमता रखती है। पुस्तक में पिरामिड के इतिहास और उसके उपयोग के विभिन्न पहलुओं को समेटा गया है।
पिरामिड का महत्व: प्राचीन काल से पिरामिड शक्ति का उपयोग मानव जीवन को सकारात्मक और संतुलित बनाने के लिए किया गया है।
कृषि क्षेत्र में उपयोग: पिरामिड के उपयोग से पैदावार में वृद्धि और फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है।
शिक्षा और बौद्धिक विकास: शिक्षकों और छात्रों के मानसिक विकास में पिरामिड की भूमिका को रेखांकित किया गया है।
उद्योग और व्यापार: व्यापार में वृद्धि और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के लिए पिरामिड का उपयोग फायदेमंद साबित हो रहा है।
वन्यजीव प्रबंधन: पिरामिड का उपयोग हिंसक जानवरों को शांत करने और उनमें आपसी प्रेम बढ़ाने में मदद करता है।
जल संरक्षण: चार्जड वाटर के माध्यम से पानी की ऊर्जा बढ़ाकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
प्रमुख पिरामिड स्थल:
पुस्तक में भारत के दो प्रमुख पिरामिड स्थलों का वर्णन किया गया है:
- महेश्वरा महा पिरामिड, कर्ताल (हैदराबाद): एशिया का सबसे बड़ा ध्यान केंद्र, जहां 7000 लोग एक साथ ध्यान कर सकते हैं।
- पिरामिड वैली इंटरनेशनल, बेंगलुरु: 5000 लोगों की क्षमता वाला एक प्रमुख ज्ञान केंद्र।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने इस पुस्तक को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन आध्यात्मिकता और ध्यान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
