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March 22, 2026
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उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग मे श्रमिकों को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता हो।

चारधाम औल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर हाल में श्रमिको को बाहर निकालने के गंभीर उपाय किए जाने चाहिए।उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री विजय बौड़ाई ने कहा कि 72 घंटे से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक श्रमिकों का रेस्क्यू नहीं हो पाया है, यद्यपि प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है लेकिन आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी न होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई है। सरकार की नाकामी साफ दिखाई दे रही है। जब इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है तो इसके लिए पर्याप्त मशीने उपलब्ध नहीं है ।देहरादून व गाजियाबाद से मशीने सड़कमार्ग से भेजी जा रही है ,लेकिन क्यों नहीं हवाई मार्ग से भारी मशीनो को भेजा जाना सुनिश्चित किया जा रहा है ,ताकि जल्दी से जल्दी भारी मशीन ला कर रेस्क्यू किया जा सके। गरीब श्रमिको को देखने वाला कोई नहीं है, मुख्यमंत्री अपडेट लेने के बाद मात्र औपचारिकता निभा के मध्य प्रदेश में प्रचार के लिए लग गए हैं , जिले के प्रभारी मंत्री और सांसद महोदया कही नहीं दिखाई दे रही हैं।बहुत ही संवेदनशील मामला होने के बावजूद वहां प्रभारी मंत्री भी नहीं दिखाई दे रहा हैसांसद तो कभी दिखाई नहीं दे रही है। यदि वह मौके पर होते तो जरूर और जल्दी कार्य हो पाता।

श्री बौड़ाई ने कहा कि उत्तराखंड की पहाड़ियां बहुत कमजोर हैं जिसमें ज्यादा बड़ी सुरंग का निर्माण भविष्य के लिए बहुत चिंताजनक स्थिति है। निर्माणाधीन सुरंग की डीपीआर पर भी कई प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं, क्षेत्र की चट्टानों की क्षमता को नजर अंदाज किए बिना बहुत बड़ी-बड़ी सुरंग बनाना एक गंभीर मामला है। परियोजना की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई, क्या कारण है कि परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पाई। वास्तविक स्थिति का अध्ययन किए बिना सुरंग निर्माण सबसे ज्यादा गंभीर मामला है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उत्तराखंड क्रांति दल मांग करता है कि श्रमिकों के सकुशल निकालने के लिए जो भी संभावित उपाय हो ,वह किए जाने चाहिए। दुर्घटना होने के बाद भी सरकार द्वारा आपदा का सही आंकलन ना कर पाना घोर विफलता है। उक्रांद इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करता है और भविष्य में रेल व सड़क परियोजनाओं के तहत सुरंग का जो भी निर्माण हो , उसकी पहले पूरी भूगर्भीय परीक्षण एवं धारण क्षमता का सही आकलन किया जाए और उसके बाद ही इस प्रकार की सुरंग बनाई जाए तथा सुरंग बनाते समय आपदा के बचाव की भी पूरी तैयारी की जानी चाहिए। उत्तराखंड क्रांति दल का एक दल घटना स्थल पर जाएगा और वहां की वास्तविक रिपोर्ट भी तैयार करेगा ताकि भविष्य में होने वाली इस प्रकार की स्थितियों के बचाव के लिए भी सरकार को सुझाव दिया जा सके।

साभार -अनूप पंवार प्रभारी देहरादून

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