शरीर पर सफेद दाग होना एक छुआछूत बीमारी है। यह लाईलाज बीमारी है। पहाड़ में इस प्रकार के रोगी को सामाजिक एवं पुण्य कार्यों में प्रवेश वर्जित है। उसके बर्तन -बिस्तरा अलग ही रखते हैं। ऐसे व्यक्ति को स्वयं ही मांगलिक एवं सामाजिक सरोकारों के कार्यों से दूर रहना चाहिए । पहाड़ में ऐसे व्यक्ति से कोई विवाह नहीं करता। ऐसे सफेद कुष्ठ बीमारी से ग्रस्त लोगों को स्वयं ही किसी भी सामाजिक कार्यों से दूर रहना चाहिए।ताकि इस बीमारी से हमारे आने वाले नौनिहालों को बचाया जा सके। इन सफेद कुष्ठ लोगों को अपने सारे कार्य स्वयं करने चाहिए।
